कुछ ही दिनों के पहले IL के फेसबुक ग्रुप पर टाउनशिप में तोड़ी जा रही बिल्डिंगो की फोटो कुछ लोगो ने संलग्न करी, अतीत को अपने ही जीवनकाल में ही धुंधला होता देखना अपने आप में एक नया अनुभव रहा।
कहते है की ऑक्सीजन पार्क बनेगा, सभी सक्षम लोगो से विनती है की इस पार्क के द्वार पर एक इतिहास की वर्तिका को भी लगाया जाये। इस पर दर्ज होना चाहिए की इस जगह पर लोग रहते थे और उनके साथ न्याय नहीं हुआ । किन्ही लोगो के लालच और अदूरदर्शिता से यह उपनगर ऊजड़ गया। कि यहाँ पर रहने वाले देश और उपक्रम के लिए काम करते थे पर समय की चाल के आगे हार गए। यह भी लिखा जाए की शायद पहली बार लोगो को उजाड़ कर पार्क बनाया जा रहा है। । विनती की जाए की कोई भी आने वाला ना भूले की जिस तरह से इस उपनगर का सर्वनाश हुआ है उससे सीखे और हमेशा सजग रहे बड़बोलो से।
अगर हो सके तो इसी पार्क में एक संग्रहालय बना दिया जाये जहा पर लोग इस जगह के स्वर्णिम इतिहास को देख सके की कोटा के बीचो बीच एक समग्र समाज था जिसके अवशेषों पर यह पार्क बना है।
कुछ बाते लोगो को अभिलेख करनी चाहिए, अगर लिखा न जाये तो वौइस् रिकॉर्डिंग कर फेस बुक पर संलग्न करे कुछ इस तरह से करे की यह सब आने वाले समय में शोधकर्ताओं को उपलब्ध रहे, अपना पक्ष मजबूती से रखे और लोगो की काली करतूतों का विस्तार से वर्णन करे, शायद कोई भला मानुस हम सब लोगो की कहानी बेबाकी से विस्तार से लिख पायेगा । यही हम सब लोगो को सुख देगा और उन तमाम लोगो को जिनके अशक्षम से हम धरातल पर पहुंचे, कुछ ग्लानि का अनुभव हो l
इसी के साथ मेरा IL पर यह ब्लॉग समाप्तः होता है I सभी पाठको को नमन।
कुछ कहानियां और भी है उन दिनों की, समय रहते उनको भी इसी ब्लॉग पर शेयर करूँगा. साथ बने रहिये .
चेतन पंड्या
PS: इस कड़ी में विलम्ब के लिए आप सभी से माफी मांगता हूँ
Yes.. even reminiscing about it gives pleasure as well it's painful to acknowledge that the golden era of instrumentation limited is over and even the remains are vanished from the geography of kota ... What remains with us are wonderful memories of a bygone era
ReplyDeleteA small Model of ILK may be placed as exhibit in the newly created area in place of ILK so that history will be known to the public. mykeskar ex- employee of ILK during the period:1965 to 1973.(When we know bygone means gone, we should try to live in present if we are alive. keskarsm@gmail.com
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